dark

it's the dark shade of blue that sneaks through, filling everything inside i tried to shut it off but now it's even more alive.   the blue sky and blue ocean all humming the same song, once what you believed all true was never right nor wrong.   i pull up the curtains let it … Continue reading dark

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किरदार

All the world stage . All men and women mere players - William Shakespeare   सलेटी रंग मे लिखा किरदार मेरा कहीं हलातों की छाप है अरमानों की आंच मे तपीत सपने संजोए नजरों मे डरा सहमा ,गिरते संवरते बना किरदार मेरा कहीं नजरें उठा कर देखुं जग को जरा सा है रंग बिरंगा किरदार … Continue reading किरदार

अपाहिज

हो अपऩे अंभ मे मदमस्त मै देखती दुनिया को अपाहिज जो जानती अगंरेजी के चंद अक्षर हर हिंदी भाषी अपाहिज चंद खनकते सिक्के जेब मे मेरी गरीबी से मजबूर ना उम्मीद अाँखें अपाहिज है यदि कुशल शरीर मेरा तो समलैंगिक , कोढी और अपाहिज भी अपाहिज जगत मे अपने धर्म का ढिंढोरा पीटती दुसरे का … Continue reading अपाहिज

वही खङे हैं

आज हम वहीं खङे हैं उन रास्तों पर। गली के उस मोङ पर तेरे आगन के सामने बालकनी से झांकती सङक पर जहाँ से न जाने कितनी दफा गुजरा तु फिर आ वही खङे हैं है पता न तेरा ठिकाना अब यहां तु कहीं अौर जा बसा फिर भी तेरी नामोजुदगी महसूस करने तेरे खामोशी … Continue reading वही खङे हैं